शून्य से गुरुत्वाकर्षण तक: आधुनिक विज्ञान की प्राचीन भारतीय जड़ें।.
गणित, खगोल विज्ञान, चिकित्सा और इंजीनियरिंग से संबंधित 108 मूलभूत अवधारणाओं का अन्वेषण करें।.
भाग 1: गणित की जड़ें
भाग II: खगोल विज्ञान और ब्रह्मांड विज्ञान की जड़ें
कारण-कारण भाव – जहाँ धुआँ होता है, वहाँ आग होती है
अवधारणा: हर परिणाम का एक कारण होता है। चीजें संयोग से नहीं घटित होतीं; इनके पीछे एक क्रम होता है [...]
मानकीकृत माप (अंगुला) – सभ्यता का खाका
मानकीकरण सभ्यता की कुंजी है। इंजीनियरिंग तभी काम कर सकती है जब हर कोई एक ही पैमाने का उपयोग करे। कहानी [...]
ऊष्मा ऊर्जा के रूप में (तेजस) – परमाणु बंधों का टूटना
प्राचीन यूरोपीय विज्ञान में ऊष्मा को तरल पदार्थ माना जाता था, लेकिन वास्तव में यह ऊर्जा का एक रूप है [...]
विद्युत सेल (अगस्त्य संहिता) – प्राचीन बैटरी
अवधारणा: जब दो अलग-अलग धातुएँ अम्लीय विलयन के साथ अभिक्रिया करती हैं, तो वे विद्युत उत्पन्न करती हैं। कहानी: एक पाठ में [...]
ऊर्जा संरक्षण (सत्कार्यवाद) – वास्तविकता कभी नहीं बदलती।
ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम कहता है कि ऊर्जा को न तो सृजित किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है, केवल रूपांतरित किया जा सकता है। [...]
चुंबकत्व (चुंबक) – लोहे का प्रिय
अवधारणा: कुछ पत्थर, जैसे चुंबक पत्थर, लोहे को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यह अदृश्य बल चुंबकत्व कहलाता है। कहानी [...]
भाग III: भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान की जड़ें
कारण-कारण भाव – जहाँ धुआँ होता है, वहाँ आग होती है
अवधारणा: हर परिणाम का एक कारण होता है। चीजें संयोग से नहीं घटित होतीं; इनके पीछे एक क्रम होता है [...]
मानकीकृत माप (अंगुला) – सभ्यता का खाका
मानकीकरण सभ्यता की कुंजी है। इंजीनियरिंग तभी काम कर सकती है जब हर कोई एक ही पैमाने का उपयोग करे। कहानी [...]
ऊष्मा ऊर्जा के रूप में (तेजस) – परमाणु बंधों का टूटना
प्राचीन यूरोपीय विज्ञान में ऊष्मा को तरल पदार्थ माना जाता था, लेकिन वास्तव में यह ऊर्जा का एक रूप है [...]
विद्युत सेल (अगस्त्य संहिता) – प्राचीन बैटरी
अवधारणा: जब दो अलग-अलग धातुएँ अम्लीय विलयन के साथ अभिक्रिया करती हैं, तो वे विद्युत उत्पन्न करती हैं। कहानी: एक पाठ में [...]
ऊर्जा संरक्षण (सत्कार्यवाद) – वास्तविकता कभी नहीं बदलती।
ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम कहता है कि ऊर्जा को न तो सृजित किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है, केवल रूपांतरित किया जा सकता है। [...]
चुंबकत्व (चुंबक) – लोहे का प्रिय
अवधारणा: कुछ पत्थर, जैसे चुंबक पत्थर, लोहे को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यह अदृश्य बल चुंबकत्व कहलाता है। कहानी [...]
भाग IV: जीवन विज्ञान और चिकित्सा की जड़ें
भाग V: इंजीनियरिंग और सभ्यता की जड़ें
कारण-कारण भाव – जहाँ धुआँ होता है, वहाँ आग होती है
अवधारणा: हर परिणाम का एक कारण होता है। चीजें संयोग से नहीं घटित होतीं; इनके पीछे एक क्रम होता है [...]
मानकीकृत माप (अंगुला) – सभ्यता का खाका
मानकीकरण सभ्यता की कुंजी है। इंजीनियरिंग तभी काम कर सकती है जब हर कोई एक ही पैमाने का उपयोग करे। कहानी [...]
ऊष्मा ऊर्जा के रूप में (तेजस) – परमाणु बंधों का टूटना
प्राचीन यूरोपीय विज्ञान में ऊष्मा को तरल पदार्थ माना जाता था, लेकिन वास्तव में यह ऊर्जा का एक रूप है [...]
विद्युत सेल (अगस्त्य संहिता) – प्राचीन बैटरी
अवधारणा: जब दो अलग-अलग धातुएँ अम्लीय विलयन के साथ अभिक्रिया करती हैं, तो वे विद्युत उत्पन्न करती हैं। कहानी: एक पाठ में [...]
ऊर्जा संरक्षण (सत्कार्यवाद) – वास्तविकता कभी नहीं बदलती।
ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम कहता है कि ऊर्जा को न तो सृजित किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है, केवल रूपांतरित किया जा सकता है। [...]
चुंबकत्व (चुंबक) – लोहे का प्रिय
अवधारणा: कुछ पत्थर, जैसे चुंबक पत्थर, लोहे को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यह अदृश्य बल चुंबकत्व कहलाता है। कहानी [...]








